⚡ संक्षिप्त सारांश (Quick Summary)
- ✅ उद्देश्य (Purpose): अश्विनी, अश्लेषा, मघा, ज्येष्ठा, मूल या रेवती नक्षत्र में जन्मे शिशुओं व जातकों की शांति पूजा।
- ✅ समय (Duration): 3 घंटे
- ✅ स्थान (Location): उज्जैन धाम
- ✅ माध्यम (Mode): उज्जैन आकर प्रत्यक्ष रूप से, अथवा घर बैठे ऑनलाइन वीडियो कॉल द्वारा।
विषय सूची (Table of Contents)
❓मूल नक्षत्र शांति पूजा क्या है? (What is this Puja)
इन 6 गंडमूल नक्षत्रों में जन्म लेने वाले जातक और उनके माता-पिता या मामा पक्ष पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, जिसे 27वें दिन या किसी भी शुभ मुहूर्त में शांत कराना आवश्यक है।
🪔मूल नक्षत्र शांति पूजा कैसे संपन्न होती है? (How it is performed)
27 कुओं का जल, 27 पत्तों और 27 औषधियों से 27 जड़ी-बूटियों का कल्प बनाकर जातक को स्नान कराया जाता है और नक्षत्र देव की पूजा की जाती है।
⚖️ऑनलाइन बनाम प्रत्यक्ष (Online vs In-Person)
| सुविधा (Feature) | उज्जैन आकर (In-Person) | ऑनलाइन (Video Call) |
|---|---|---|
| अनुष्ठान की विधि | स्वयं हाथों से संकल्प व पूजा | नाम व गोत्र द्वारा लाइव संकल्प |
| हवन / अभिषेक | सामने प्रत्यक्ष दर्शन | WhatsApp/Zoom पर लाइव |
| प्रसाद (Prasad) | तुरंत प्राप्त | स्पीड पोस्ट/कूरियर द्वारा घर पर |
🛕मूल नक्षत्र शांति पूजा उज्जैन में ही क्यों कराएं? (Why Ujjain)
मूल शांति कराने से जातक का भविष्य उज्ज्वल होता है और माता-पिता का स्वास्थ्य उत्तम रहता है।
✨मूल नक्षत्र शांति पूजा के मुख्य लाभ (Key Benefits)
- ✓माता-पिता और परिवार पर संकट की समाप्ति
- ✓बालक का शारीरिक व मानसिक विकास
- ✓दीर्घायु और भाग्यवृद्धि
📸अनुष्ठान की प्रामाणिक झलक (Trust & Proof)


* ऑनलाइन पूजा यजमानों के नाम व गोत्र से संपन्न कर संपूर्ण वीडियो/फोटो एवं प्रसाद कोरियर द्वारा भेजा जाता है।